प्रयागराज, मार्च 18 -- प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग एवं 'स्त्रीदर्पण' के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को 'प्रयागराज की नायिकाएं' विषय पर संगोष्ठी हुई। मुख्य अतिथि साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता प्रो. नीलम शरण गौड़ ने कहा कि साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त करने से पूर्व वे स्वयं को कहीं न कहीं 'अदृश्य' महसूस करती थीं। उन्होंने अपने साहित्यिक सफर एवं कृतियों का परिचय देते हुए कहा कि साहित्यकार की पहचान उसके सृजन से होती है, न कि उसके स्त्री या पुरुष होने से। डॉ. अनुराधा ओस ने स्त्री शिक्षा और अधिकारों की ऐतिहासिक यात्रा को रेखांकित किया। डॉ. शमेनाज़ बानो ने साहित्य में महिलाओं की अग्रणी भूमिका को रेखांकित किया एवं डॉ. सुप्रिया पाठक ने कहा कि स्त्रियों को सर्वप्रथम 'मनुष्य' के रूप में देखा जाना चाहिए। अध्यक्...