संवाददाता, फरवरी 15 -- Special Intensive Review (SIR): साहब! मेरी मूंछें तो देखिए, क्या मैं महिला नजर आता हूं? फिर भी एसआईआर में मुझे पुरुष नहीं माना जा रहा है। पुरुष होने का सबूत मांगा जा रहा है। मानवीय चूक से हुई तार्किक विसंगतियों ने वोटरलिस्ट में महिला बना दिया है। इसे दुरूस्त कराएं। यह गुहार महाराजगंज के एक मतदाता की है, जो निर्वाचन कार्यालय से जारी नोटिस में सुनवाई के दौरान अपना जेंडर सुधरवाने पहुंचा था। महाराजगंज में चल रहे एसआईआर अभियान के तहत मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने की कवायद में ऐसे हजारों अजीबो-गरीब मामले सामने आए हैं, जहां कागजों में पुरुष स्त्री बन गए हैं। दादा-पोते की उम्र का फासला सिमट कर रह गया है। डिजिटल स्क्रीनिंग के दौरान भारी खामियां उजागर हुई हैं। जिले के 38 हजार 81 मतदाताओं का जेंडर मिसमैच मिला है। इनके...
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