नई दिल्ली, मार्च 25 -- सुप्रीम कोर्ट ने एक महिला द्वारा उत्तर प्रदेश में उसके सास-ससुर और ननद के खिलाफ दर्ज कराया गया दहेज उत्पीड़न का मामला बुधवार को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि आपराधिक कानून को पति के परिवार के सदस्यों के खिलाफ 'व्यक्तिगत प्रतिशोध' लेने का हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने कहा कि वैवाहिक विवादों में अस्पष्ट आरोपों के आधार पर पति के रिश्तेदारों के खिलाफ आपराधिक अभियोजन शुरू करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। पीठ इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें शिकायतकर्ता की ननद और सास-ससुर के खिलाफ आईपीसी की धारा 498ए (वैवाहिक क्रूरता), धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) और दहेज निषेध अधिनियम के प्रावधानों के तहत दर्ज प्...