मुजफ्फर नगर, सितम्बर 24 -- खतौली। समाज में विधवा महिलाओं को लेकर चली आ रही पुरानी सोच के बीच एक परिवार ने दकियानूसी बातों से ऊपर उठकर सराहनीय मिसाल पेश की है। बेटे की मौत के बाद विधवा हुई पुत्रवधू को सास ने बहू नहीं, बल्कि बेटी मानते हुए धूमधाम से उसका फिर से विवाह कराया। आर्य समाज मंदिर में विवाह की रस्में पूरी होने के बाद सास ने बेटी की तरह अपनी पुत्रवधू को भावुक होकर विदाई दी। इस दौरान परिवार के छोटे बेटे यानी विधवा महिला के देवर ने भी रिश्ते की एक नई मिसाल कायम की। उसने भाभी को बहन का दर्जा देते हुए भाई का फर्ज निभाया और विवाह समारोह में उसका कन्यादान किया। परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों की मौजूदगी में विवाह की सभी रस्में पूरे रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुईं。पारिवारिक प्रेम और समर्थन करीब 10 साल पहले हरिद्वार के बहादुरपुर निवासी मीनाक...