देवरिया, मार्च 11 -- देवरिया, निज संवाददाता। स्त्री शिक्षा के लिए अपमान सहते हुए सावित्री बाई फुले ने अध्यापन कार्य किया। उक्त बातें जन्म जयंती पर रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र के डुमरी स्थित सपा जन संपर्क कार्यालय पर सपा के पूर्व प्रवक्ता चंद्रभूषण सिंह यादव ने कहा।महामना ज्योतिबा फुले के अथक प्रयत्नों के बाद सावित्री बाई फुले ने आधुनिक भारत में पुणे के भिड़ेबाड़ा में 1 जनवरी 1848 में बालिकाओं का पहला विद्यालय खोला। सावित्री बाई फुले ने बालिकाओं को पढ़ाकर स्त्री शिक्षा की नींव डाली। इसमें सुरेश नारायण सिंह, दयानंद यादव, अभिषेक गुड्डू गोंड, संतोष मद्धेशिया, अशोक यादव, व्यास यादव, अयोध्या वर्मा, नाजिर अंसारी, नारायण प्रसाद, कांता यादव, उपेन्द्र यादव, बेलभद्र गोंड, परमहंस यादव, नगीना यादव आदि शामिल रहे।
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