मऊ, अगस्त 21 -- मऊ, संवाददाता। पारंपरिक ढर्रों और आडंबरों से दूरी बनाने वाली जेन-जी सावन में भगवान शिव के शांत, स्वच्छंद और वैरागी स्वरूप की ओर आकर्षित हो रही है। यह पीढ़ी शिव के व्यक्तित्व में खुद को अधिक सहज महसूस कर रही है। सावन की शुरुआत के साथ ताजनगरी का माहौल भक्ति के नए रंग में रंग गया है। जनपद में हर बार सावन में शिवभक्ति सिर चढ़कर बोलती है। इसमें 18 से 25 वर्ष के युवा भी शामिल हैं। पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों से आगे बढ़कर यह पीढ़ी भगवान शिव के वैरागी और मुक्त व्यक्तित्व में अपनी सांस्कृतिक जड़ों की तलाश कर रही है। 'हिन्दुस्तान' टीम ने सावन को लेकर युवाओं से बातचीत की। अधिकांश युवाओं का कहना था कि वे शिव को इसलिए पसंद करते हैं, क्योंकि उनका स्वरूप किसी बनावटी नियम या दिखावे का मोहताज नहीं है। शिव अघोरी भी हैं, महायोगी भी और आशुतोष...