सावन में बदल गया लोगों का आहार, मांसाहारी भोजन बंद, साग-पात से भी परहेज
रांची, जुलाई 30 -- फोटो है- रांची,संवाददाता। यह भी पढ़ें- शिवलिंग पर हल्दी चढ़ाना सही है या गलत? जानिए क्या कहते हैं शास्त्र सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही भक्त भगवान शिव की आस्था में डूब जाते है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस पूरे माह श्रद्धालु सात्विक और शुद्ध भोजन ग्रहण करते है। यह पूरा माह भगवान शिव को समर्पित होता है,जिसमें श्रद्धालु अपनी ओर से पूरी शुद्धता को अपनाते है। लोक आस्था के अनुसार बारिश का होना शुद्धता का प्रतीक माना गया है। जल से पूरी धरती शुद्ध हो जाती है। साथ ही इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी रिम्स की डायटीशियन मीनाक्षी ने बताया की बरसात के दौरान मौसम अनुकूल होने की वजह से छोटे -छोटे बैक्टीरिया आसानी से जन्म लेते है। मांसहारी सामग्रियां जहां पर काटी जाती है,उन स्थानों पर साफ-सफाई की स्थिति बेहद ही दयनीय होती है। इन स्थानो...
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