सावन के पहले मंगला गौरी व्रत पर भद्रा और पंचक का साया: जानें पूजन मुहूर्त, व्रत का मुख्य नियम और फल
नई दिल्ली, अगस्त 3 -- Mangla Gauri Vrat 2026 Pujan Muhurat and Niyam: सावन माह में सोमवार व्रत भगवान शिव और मंगलवार का दिन माता पार्वती को समर्पित माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सावन के प्रत्येक मंगलवार को मंगला गौरी व्रत का विधान है। यह व्रत माता पार्वती की कृपा पाने के लिए खास माना जाता है। इस साल सावन का पहला मंगला गौरी व्रत 4 अगस्त 2026 को है। इस दिन मां गौरी, भगवान शिव और गणेश जी की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। पहले मंगला गौरी व्रत के दिन भद्रा और पंचक का साया रहेगा। इस दिन कई शुभ संयोग दिन का महत्व भी बढ़ा रहे हैं। जानें सावन के पहले मंगला गौरी व्रत पर बनने वाले शुभ संयोग, पंचक और भद्रा का समय और पूजा विधि, भोग, मंत्र और आरती।पहले मंगला गौरी व्रत में पंचक और भद्रा का साया: ज्योतिष शास्त्र में पंचक और भद्रा को पूजा-पा...
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