गंगापार, अगस्त 9 -- लोक संस्कृति और पारंपरिक कजरी गीतों को सहेजने के उद्देश्य से शनिवार को आयोजित द्वितीय करछना कजरी उत्सव में सावन की फुहार जैसी मधुर प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। लोक कलाकारों के सुरों पर देर तक श्रोता झूमते और तालियां बजाते रहे। राजन जी ने जब से परदेश गइलें सजनवा, अंगनवा में जी ना लगे कजरी प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। आकाशवाणी व दूरदर्शन की लोकगायिका रंजना त्रिपाठी, अभिषेक सिंह और दल ने 'कइसे खेलइ जाबू सावन में कजरिया' और 'बदरिया घिरि आई ननदी' सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। शिल्पा कुशवाहा, मुक्ति पांडेय, सीमा त्रिपाठी, रागिनी श्रीवास्तव व आशीष शर्मा की प्रस्तुतियों के बाद संयोजिका मोहिनी श्रीवास्तव ने मिर्जापुरी कजरी और झूला गीतों से रंग जमाया। यह भी पढ़ें- Jaunpur News: कजरी हमारी समृद्ध लोक संस्कृति की पहचा...