फतेहपुर, मई 2 -- फतेहपुर। मोबाइल और टैबलेट की तेज रोशनी बच्चों की आंखों की रोशनी छीन रही है। ऑनलाइन पढ़ाई, गेमिंग और सोशल मीडिया की लत के चलते जिला अस्पताल स्थित मदन मोहन मालवीय नेत्र अस्पताल में हर महीने 20 से 25 ऐसे बच्चे पहुंच रहे हैं, जो मायोपिया (कमजोर नजर), आंखों में जलन और सिरदर्द जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ के मुताबिक, कोरोना काल के बाद बढ़ी मोबाइल की निर्भरता बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को नुकसान पहुंचा रही है। डॉक्टरों ने अभिभावकों से बच्चों का स्क्रीन टाइम सीमित करने और उन्हें आउटडोर गेम्स के लिए प्रेरित करने की अपील की है। हर माह बढ़ रहे मरीज

मदन मोहन मालवीय नेत्र अस्पताल में हर माह 20 से 25 ऐसे बच्चे पहुंच रहे हैं मदन मोहन मालवीय नेत्र अस्पताल में हर माह 20 से 25 ऐसे बच्चे पहुंच रहे हैं, जिनक...