सावधान! आपका वाटर प्यूरीफायर माइक्रोप्लास्टिक के लिए फेल हो सकता है, आज ही चेक करें ये फीचर्स
नई दिल्ली, जून 24 -- आज के समय में नल के पानी में माइक्रोप्लास्टिक एक अदृश्य लेकिन गंभीर स्वास्थ्य खतरा बन चुका है। हालिया वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि प्लास्टिक के सूक्ष्म कण हमारे जल स्रोतों में घुल चुके हैं। चिंता की बात यह है कि बाजार में मिलने वाले अधिकांश साधारण वाटर प्यूरीफायर इन कणों को रोकने में असमर्थ हैं। पारंपरिक फिल्टर मुख्य रूप से क्लोरीन, गंध और बड़े बैक्टीरिया को हटाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, लेकिन माइक्रोप्लास्टिक के नैनो-स्तर के कण इनके फिल्टर के छिद्रों से आसानी से निकल जाते हैं। माइक्रोप्लास्टिक से बचने के लिए केवल प्यूरीफायर का होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसके फीचर्स की सही जानकारी होना अनिवार्य है। यदि आप सुरक्षित पानी चाहते हैं, तो सबसे प्रभावी तकनीक रिवर्स ऑस्मोसिस है। RO मेम्ब्रेन का छिद्र आकार 0.0001 माइक्रोन हो...
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