बलिया, जुलाई 9 -- बलिया, संवाददाता। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में गुरुवार को राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत रुग्णता प्रबंधन व दिव्यांग्ता रोकथाम(एमएमडीपी प्रबंधन) एवं प्रयोग का प्रशिक्षण शहर समेत ग्रामीण इलाकों के स्वास्थ्य अधिकारियों को दिया गया। इस दौरान डब्लूएचओ के जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ. मंजीत सिंह चौधरी स्वास्थ्य अधिकारियों को बताया कि फाइलेरिया मरीजों को प्रभावित अंग की अच्छी तरह से सफाई करनी चाहिए, जिससे किसी प्रकार के संक्रमण से मरीज प्रभावित न होने पाए।सीएमओ डॉ. अभय नारायण राय ने कहा कि फाइलेरिया बीमारी के दुष्परिणाम कई वर्षों के बाद देखने को मिलते हैं। शुरूआत में इसके कोई लक्षण नहीं दिखाई देते हैं और एक संक्रमित व्यक्ति दूसरे स्वस्थ व्यक्ति को बिना कोई बाहरी लक्षण दिखे संक्रमित करता रहता है। इस बीमारी से ...