नई दिल्ली, अप्रैल 25 -- हिंदू धर्म में एकादशी व्रत भगवान विष्णु की भक्ति और आत्मशुद्धि का प्रमुख साधन माना जाता है। साल में 24 एकादशियां आती हैं, लेकिन इनमें निर्जला एकादशी को सबसे महत्वपूर्ण और फलदायी माना जाता है। इसे ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी कहते हैं। इस व्रत को भीमसेनी एकादशी या पांडव एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस एक व्रत से ही सारी 24 एकादशियों का पुण्य प्राप्त हो जाता है, यही कारण है कि इसे साल की सबसे बड़ी एकादशी कहा जाता है।निर्जला एकादशी 2026 की तिथि ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 24 जून 2026, बुधवार को शाम 6 बजकर 12 मिनट पर शुरू होगी। यह तिथि 25 जून 2026, गुरुवार को रात 8 बजकर 9 मिनट पर समाप्त होगी। हिंदू परंपरा में व्रत उदया तिथि के अनुसार, रखा जाता है। इसलिए इस साल निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून 2026...