सालों की मेहनत कबाड़ में तौली गई, NCERT से लक्ष्मीकांत तक का हुआ 464 रुपये हिसाब; UPSC एस्पिरेंट की भावुक कहानी
नई दिल्ली, अगस्त 24 -- UPSC की तैयारी सिर्फ किताबों के पन्ने पलटने का सफर नहीं होती, बल्कि इसके साथ सालों की मेहनत, उम्मीदें, रिश्ते और कई बड़े फैसले भी जुड़ जाते हैं। ऐसे में जब किसी उम्मीदवार को आखिरकार अपनी तैयारी के सफर पर विराम लगाना पड़ता है, तो सबसे ज्यादा भारी शायद वह पल होता है, जब सालों से संभालकर रखी किताबें भी हाथ से चली जाती हैं। सोशल मीडिया पर एक UPSC एस्पिरेंट की ऐसी ही कहानी लोगों को भावुक कर रही है, जिसने चार असफल प्रयासों के बाद अपनी किताबें और मॉक टेस्ट कबाड़ी को बेच दिए। बदले में उसे मिले सिर्फ 464 रुपये लेकिन उन किताबों के साथ उसकी जिंदगी के कई साल तौले जा चुके थे।3 बार मेंस दिया, चौथी बार प्रीलिम्स भी नहीं निकला रेडिट पर लिखी गई पोस्ट में उम्मीदवार ने अपने लंबे UPSC सफर का दर्द बयां किया। उसने बताया कि वह लगातार 2023...
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