नई दिल्ली, जनवरी 27 -- सड़क या सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक स्थल बनाए जाने पर मद्रास हाईकोर्ट ने आपत्ति जताई है। उच्च न्यायालय का कहना है कि स्थानीय निकाय या सार्वजनिक जगह पर अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा। अदालत ने कहा कि फिर भले ही वह जगह धार्मिक क्यों न हो। अदालत ने अधिकारियों को नोटिस जारी होने के बाद अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। अदालत सरथ नाम के शख्स की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। उन्होंने ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के अधिकारियों से मदर वेलंकन्नी का धार्मिक स्थल हटाने की मांग की थी। याचिकाकर्ता ने कहा कि उन्होंने साल 2024 में संपत्ति खरीदी थी। इसके बाद उन्होंने देखा कि संपत्ति के प्रवेश के पास ही एक धार्मिक स्थल मौजूद है। उन्होंने कहा कि यह मुख्य प्रवेश द्वार पर बाधा बन रहा है। साथ ही कहा कि इसके चलते पैदल चलने वाले राहगीरों को...