सार्थक संवाद की आधारशिला है साझा मानवता
अलीगढ़, अप्रैल 9 -- अलीगढ़। एएमयू के दर्शनशास्त्र विभाग द्वारा 'विविधता को अपनानाः अंतरधार्मिक संवाद और सांस्कृतिक समझ' विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व कुलपति प्रो. मोहम्मद गुलरेज ने 'उबंटू' की अवधारणा 'मैं हूं क्योंकि हम हैं' का उल्लेख करते हुए साझा मानवता को सार्थक संवाद की आधारशिला बताया। विशिष्ट अतिथि प्रो. टीएन सतीशन ने कहा कि ऐसे अकादमिक आयोजन आलोचनात्मक चिंतन, पारस्परिक सम्मान और विविध सांस्कृतिक व धार्मिक दृष्टिकोणों की गहन समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. अशोक वोहरा ने 'थियोफोबिया, हिंदू धर्म और हिंदुत्व' विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने हिंदू धर्म की समावेशी और बहुलतावादी परंपरा तथा हिंदुत्व की विशिष्टतावाद...
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