हजारीबाग, अप्रैल 12 -- हजारीबाग जिला प्रतिनिधि। जिले के कोषागार से लगभग 28 करोड़ के फर्जी तरीके से की गयी निकासी मामले की जांच की आंच सार्जेंट मेजर से लेकर डीएसपी तक पहुंच सकती है। पुलिस महकमा में इस मामले को लेकर जांच भी आगे बढ़ रही है। बताया जाता है कि सिपाही से लेकर पुलिस इंस्पेक्टर तक का वेतन निकासी के लिए पुलिस लाइन से मास्टर रोल जाता है। इस पर सार्जेंट मेजर का हस्ताक्षर रहता है। इसके बाद इसे एसपी ऑफिस के लेखा शाखा में भेज दिया जाता। उसके अनुसार ही लेखापाल को वेतन बनाया जाता है। वेतन विपत्र पर लेखापाल और एसपी ऑफिस के बड़ाबाबू हस्ताक्षर कर डीएसपी सह निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी को भेज देते है। विपत्र पर हस्ताक्षर कर इसे ट्रेजरी में भेज दिया जाता है जहां से वेतन की निकासी होती है। इस पूरे प्रोसेस में शामिल लेखापाल से लेकर पदाधिकारी तक को...