सारण में हर साल लाखों पौधे, संरक्षण पर सवाल
छपरा, अगस्त 9 -- शुरुआती वर्षों में पौधों के सूखने की शिकायतें वन विभाग की नर्सरियों से पौधे लेकर जीविका दीदियां पौधरोपण को दे रहीं बढ़ावा फोटो 20 सड़क किनारे पॉज रोपण अभियान के तहत लगे पौधे अब पेड़ का आकार ले लिए हैं न्यूमेरिक 07 लाख से अधिक पौधरोपण का लक्ष्य छपरा, नगर प्रतिनिधि। कभी घने जंगलों और हिरणों के झुंड के लिए पहचानी जाने वाली सारण की धरती आज लगातार बढ़ती आबादी और बदलती जीवनशैली के बीच हरियाली बचाने की चुनौती से जूझ रही है। मान्यता है कि हिरण यानी सारंग और वन यानी अरण्य' से इसका पुराना नाम सारंग अरण्य पड़ा, जो कालांतर में सारण कहलाया। इसी ऐतिहासिक पहचान को देखते हुए जिले में हर वर्ष बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान चलाया जाता है। यह भी पढ़ें- पौधारोपण अभियान : खर्च की तुलना में हरित इलाके नहीं बढ़ेपौधों की सुरक्षा और नियमित देखरेख सरक...
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