छपरा, अप्रैल 17 -- फोटो: 4 जिला मुख्यालय स्थित मिट्टी एवं बीज परीक्षण प्रयोगशाला का कार्यालय। पेज चार की लीड छपरा, हिन्दुस्तान संवाददाता। सारण जिले की मिट्टी पर हुई जांच ने खेती के भविष्य को लेकर गंभीर संकेत दिए हैं। कृषि विभाग से जुड़े अधिकारियों और मिट्टी परीक्षण विशेषज्ञों के अनुसार जिले के अधिकांश हिस्सों की जमीन हल्की क्षारीय, मध्यम उर्वरता वाली और पोषक तत्वों के असंतुलन से जूझती मिली है। नाइट्रोजन, सल्फर और बोरॉन की कमी सबसे बड़ी समस्या बनकर सामने आई है, जबकि लगातार रासायनिक खाद के अंधाधुंध उपयोग से मिट्टी की प्राकृतिक ताकत कमजोर हो रही है। गंगा-गंडक किनारे के इलाकों में जलोढ़ दोमट मिट्टी सब्जी और अनाज के लिए बेहतर मानी जाती है, वहीं कई प्रखंडों की हल्की व बलुई मिट्टी में दलहन, तिलहन और मक्का की अच्छी संभावना है। सॉयल हेल्थ कार्ड यो...