सामुदायिक शौचालयों में लटकता रहता है ताला, गांवों की साफ सफाई बदहाल
श्रावस्ती, मई 15 -- श्रावस्ती,गिरंटबाजार। गांवों में साफ सफाई के लिए घर घर शौचालय बनवाए गए हैं। इसके साथ ही सामुदायिक शौचालय भी बने हैं। जिसका प्रयोग सार्वजनिक रूप से किया जा सकता है। लेकिन न तो व्यक्तिगत रूप से बनाए गए शौचालयों का उपयोग हो रहा है और न ही सामुदायिक शौचालयों को ही प्रयोग किया जा रहा है। सामुदायिक शौचालयों की देख रेख के लिए प्रतिमाह छह हजार रुपए ग्राम पंचायत से खर्च हो रहे हैं। लेकिन ताला नहीं खुल रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सभी ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया गया है। शासन का मकसद था शौचालय बनेंगे तो जिनके पास व्यक्तिगत शौचालय की सुविधा नहीं है। वे लोग इनका उपयोग कर सकेंगे। इसके लिए भारी भरकम धनराशि खर्च कर शौचालयों का निर्माण कराया गया था। इनमें महिला व पुरुष के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई थी। लेकि...
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