सामान्य तलाशी में कारतूस मिला, इसे गुप्त हथियार रखना नहीं मान सकते : हाईकोर्ट
रांची, सितम्बर 22 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने आर्म्स एक्ट के 26 साल पुराने मामले में नारायण यादव उर्फ ककला को राहत दी है। जस्टिस प्रदीप श्रीवास्तव की अदालत ने धारा 26(1) के तहत उसकी दोषसिद्धि रद्द कर दी। हालांकि, धारा 25(1-बी)(ए) के तहत दोषसिद्धि बरकरार रखी और एक साल की सजा को उसके द्वारा पहले से जेल में बिताई गई करीब चार माह की अवधि तक सीमित कर दिया। मामला वर्ष 2000 का है। दो अक्तूबर की रात कुंडा पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी डकैती की तैयारी कर रहे हैं। पुलिस ने करनिजोर पुल के पास छापेमारी कर नारायण यादव समेत अन्य लोगों को पकड़ा था। तलाशी के दौरान नारायण के पास से .315 बोर के दो जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। ट्रायल कोर्ट ने वर्ष 2005 में उसे आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी)(ए) और 26(1) में दोषी ठहराया था। हाईकोर्ट ने कहा कि द...
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