मेरठ, अगस्त 11 -- कांवड़ यात्रा में इस बार सामाजिक सौहार्द की अनूठी तस्वीर सामने आई है। मेरठ के घंटाघर निवासी जैनब ने मजहब की दीवारों से ऊपर उठकर आस्था की मिसाल पेश की है। एक साल पहले विवाहित जैनब ने परिवार की रजामंदी से पहली बार हरिद्वार से गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा पूरी की और मेरठ पहुंचीं। ​जैनब बताती हैं कि कांवड़ियों को देखकर उनके मन में यह जानने की जिज्ञासा हुई थी कि इस कठिन यात्रा के पीछे की श्रद्धा और भावनाएं कैसी होती हैं। इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए उन्होंने खुद कांवड़ उठाने का फैसला किया। परिवार ने भी उनकी इस भावना का सम्मान करते हुए पूरी सहमति दी।​रास्ते यह भी पढ़ें- उम्र के बराबर जल उठाने का अनोखा संकल्प, कलश की बढ़ी मांग में उन्हें अन्य शिवभक्तों और सेवादारों का भरपूर अपनापन और सहयोग मिला। मेडिकल गेट के पास स्थित कांवड़ शि...