पटना, जुलाई 17 -- केयर इकोनॉमी यानी देखभाल अर्थव्यवस्था के लिए सामाजिक सोच में बदलाव की जरूरत है। सोच में बदलाव से बुजुर्गों की देखभाल बेहतर हो सकेगी। देखभाल की जिम्मेदारी केवल महिलाओं की नहीं, बल्कि पुरुषों की भी होती है। शुक्रवार को महिला एवं बाल विकास निगम की ओर से आयोजित एक दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला में मंत्री श्वेता गुप्ता ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक देखभाल और पोषण सेवाओं को नई दिशा देने के लिए प्रभावी केयर इकोनॉमी जरूरी है। 'सुदृढ़ एवं प्रभावी देखभाल अर्थव्यवस्था' विषय पर आयोजित कार्यशाला के दौरान उन्होंने निजी क्षेत्र से केयर वर्क में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि राजस्व पर्षद की अध्यक्ष-सह-सदस्य हरजोत कौर बम्हरा ने केयर इकोनॉमी में बालिकाओं के सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत...