नई दिल्ली, मार्च 5 -- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को कहा कि सनातन धर्म सामाजिक सद्भाव और एकता का संदेश देता है। जाति के नाम पर किया जाने वाला भेदभाव धर्म और समाज दोनों के लिए हानिकारक है। अहमदाबाद के निकट जेतलपुर गांव स्थित स्वामीनारायण मंदिर में आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि ईश्वर की सृष्टि में हर वस्तु और हर व्यक्ति का अपना महत्व और उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि सूखी घास का एक तिनका भी ईश्वर की रचना है और उसका भी कोई न कोई उद्देश्य होता है। इसी भावना के साथ सभी को अपनाना और अपनेपन का भाव रखना ही सामाजिक समरसता का मूल है।भागवत ने कहा कि समाज में ऊंच-नीच का भेदभाव बाद में पैदा हुआ है। जाति और वर्ग व्यवस्था का मूल उद्देश्य भेदभाव करना नहीं था, लेकिन जब इसमें असमानता और भेदभाव प्रवे...