हरिद्वार, फरवरी 27 -- हरिद्वार के साधु-संतों ने शुक्रवार को गाय के पंचगव्य से होली खेलकर न केवल सनातन परंपरा का निर्वहन किया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश भी दिया। आस्था और उल्लास के बीच यह आयोजन माया देवी मंदिर प्रांगण में हुआ, जहां पहले गाय के दूध, दही, घी, गोबर और गोमूत्र से पंचगव्य तैयार किया गया। इसके बाद संतों ने उसी पंचगव्य से होली खेली। भजन-कीर्तन, जयघोष और ढोल-नगाड़ों की धुन पर संत समाज झूम उठा। पारंपरिक अंदाज में एक-दूसरे को शुभकामनाएं दी गईं। संतों के अनुसार, प्राचीन काल से साधु-संत गाय के पंचगव्य से होली खेलते आ रहे हैं। मान्यता है कि गाय के गोबर में भगवान गणेश का आह्वान हुआ था। इसी परंपरा के निर्वहन के तहत अखाड़ों ने होली खेलकर काशी विश्वनाथ मंदिर की परंपरा का पालन किया। 'यह सिर्फ उत्सव नहीं, संस्कृति का प्रतीक' जगद्...
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