हरिद्वार, मार्च 2 -- भूपतवाला स्थित साधुबेला आश्रम में होली धूमधाम के साथ मनाई गई। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे पर फूल बरसाए और रंग-गुलाल भी उड़ाया। इस अवसर पर बनखंडी साधुबेला पीठाधीश्वर आचार्य स्वामी गौरीशंकर दास ने कहा कि होली केवल बाहरी उत्सव नहीं बल्कि, आध्यात्मिक परिवर्तन की प्रतीक है। सच्ची होली भीतर खेली जाती है, जहां हम आत्मा को शुद्धता के रंगों से रंगते हैं। होली का महत्व हमारे जीवन में खुशियों और मिठास को जोड़कर एक खास स्थान रखता है। यह एकता, मित्रता और भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने आमजन से अपील कि कि आपसी भेदभाव मिटाकर खुशी के साथ होली खेलें। इस दौरान स्वामी बलराम मुनि, गोपाल दत्त पुनेठा, विष्णु दत्त पुनेठा, पुष्कर पांडेय, बद्री दत्त पुनेठा, लक्ष्मी दत्त चिलकोटी, संदीप भट्ट, मोहित पांडेय, हिमांशु पांडेय, भुवन चंद पुनेठा मौजूद रहे।...