भागलपुर, अप्रैल 18 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता। एक तरफ प्राकृतिक जलस्रोत कम होते गये तो दूसरी तरफ खेतों तक पानी पहुंचाने के इंतजाम भी कृषि विभाग स्तर से किये गये। वहीं किसानों को वाजिब दर पर बीज, खाद, कृषि यंत्र से लेकर सिंचाई तक की सुविधाएं देने का प्रयास सरकारी स्तर पर हुआ। सरकार द्वारा किसानों के उत्पादों को वाजिब दर घोषित करते हुए उनके उत्पाद विशेषकर धान-गेहूं की खरीद के लिए पैक्स तक खोले गये, लेकिन सरकार का यही इंतजाम किसानों के लिए दर्द के सबब बन गये। कृषि यंत्रों पर अनुदान तो दिया, लेकिन मशीन की पूरी कीमत लेने के बाद। खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए ट्यूबवेल तो लगे लेकिन बिजली पहुंची ही नहीं। यह भी पढ़ें- हर साल 10 फीसद बढ़ जाती है लागत पर उस अनुपात में कीमत नहीं मिलती खाद सरकारी खाद केंद्रों से गायब तो ब्लैक में खूब बिकी। बीज मिले तो...