सादा कपड़ों में आई पुलिस, जेल से बाहर आते ही किया था गिरफ्तार; हाईकोर्ट ने 15 साल बाद किया 'इंसाफ'
नई दिल्ली, अक्टूबर 29 -- महाराष्ट्र पुलिस ने 2011 में जेल से बाहर निकले एक्टिविस्ट अरुण फेरेरा को सादे कपड़ों में गिरफ्तार कर लिया था। इस गिरफ्तारी के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचे व्यक्ति को अदालत ने राहत दी है। पुलिस और सरकार पर भड़कते हुए अदालत ने व्यक्ति को 2 लाख रुपए का हर्जाना देने का भी निर्देश दिया है। अदालत ने माना की व्यक्ति की गिरफ्तारी बिना उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए की गई थी। ऐसे में संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है। जस्टिस उर्मिला जोशी फाल्के और जस्टिस राज डी. वाकोडे की बेंच ने माना कि व्यक्ति को जेल के बाहर गैर कानूनी तरीके से गिरफ्तार करना गलत है। यह संविधान द्वारा दिए गए आर्टिकल 21 और आर्टिकल 22 के अधिकारों का उल्लंघन करता है। यह अधिकार व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा करते हैं और गैर-कानूनी गिरफ्तारी के खिलाफ सुर...
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