गाजीपुर, जून 24 -- सादात, हिन्दुस्तान संवाद। माहे मुहर्रम की आठवीं तारीख पर बुधवार को सादात नगर के सैयदबाड़ा मोहल्ला स्थित कोट साहब के इमामबाड़े से प्रसिद्ध दुलदुल जुलूस निकाला गया। मुहल्ले के चौक तक गश्त करने के बाद जुलूस पुनः कोट साहब के इमामबाड़े में आकर समाप्त हुआ। इस दौरान लोगों ने इमाम हुसैन के वफादार घोड़े जुलजनाह (दुलदुल) की निशानी के रूप में फूलों और जरी के वस्त्रों से सजे घोड़े का इस्तकबाल किया। अकीदतमंदों ने चना, हलवा और सिन्नी प्रसाद खिलाकर श्रद्धा व्यक्त किया। मुस्लिम महिलाओं के साथ बड़ी संख्या में हिंदुओं ने भी दुलदुल के प्रति गहरी आस्था दिखाते हुए मन्नतें मांगी। मातम के साथ ही पारंपरिक नौहाख्वानी किया गया। इमाम हुसैन के घोड़े 'दुलदुल' की याद में निकले जुलूस में शामिल अकीदतमंद (श्रद्धालु) पारंपरिक नौहे (शोकगीत) पढ़ते हुए छात...