लखनऊ, मार्च 26 -- करीब डेढ़ साल गुजर गए लेकिन कैसरबाग को जाम मुक्त नहीं कर पाए। अगस्त 2024 में तत्कालीन मंडलायुक्त ने कैसरबाग को जाम मुक्त बनाने के लिए सात सुझाव दिए थे। इन सुझाव पर काम करने के लिए रोडवेज, ट्रैफिक, बिजली, नगर निगम को जिम्मेदारी सौंपी थी। इस दिशा में सिर्फ बिजली विभाग ने सड़क पर लगे कुछ खंभों को शिफ्ट कर दिया, बाकी काम कागजों पर चलता रहा। आलम यह है कि बिजली के तारों का मकड़जाल, सड़क पर बसों की पार्किंग, सड़क किनारे अतिक्रमण ज्यों का त्यों बना हुआ है। ऐसी स्थिति में कैसरबाग की सड़कें सकरी होने से ट्रैफिक जाम का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिसका खामियाजा बलरामपुर हास्पिटल, सिविल कोर्ट, पुराने लखनऊ, बस अड्डा आने-जाने वाले वाहन सवारों को अक्सर झेलना पड़ रहा है।शाम की समय सारणी पर सुबह पहुंच रही बसेंकैसरबाग के पीछे वाली...