लखनऊ, जून 9 -- गर्भवती महिलाओं की सेहत को लेकर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) वरदान साबित हो रहा है। बीते सात वर्षों करीब 4.54 लाख गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच (एएनसी) की गई। वहीं, 78149 हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान कर समय पर इलाज और प्रबंधन किया गया। इससे सुरक्षित प्रसव कराने में मदद मिली। यह जानकारी सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने साझा की। मंगलवार को सिलवर जुबली शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पीएमएसएमए के 10 वर्ष पूरे होने पर कार्यक्रम हुआ। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि शुरुआत में पोर्टल और बाद में कोविड की वजह से करीब तीन वर्षों का डाटा उपलब्ध नहीं है। यह भी पढ़ें- 200 से अधिक गर्भवती महिलाओं की हुई जांच, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर दिया विशेष परामर्श लेकिन बीते सात वर्षों में योजना से जुड़े सभी आंकड़े उपलब्ध हैं...