लखनऊ, फरवरी 28 -- राजधानी के रियल एस्टेट क्षेत्र में बिल्डरों की वादाखिलाफी और मनमानी पर उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने कड़ा रुख अपनाया है। रेरा की लखनऊ पीठ ने एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ बड़ा फैसला सुनाते हुए पीड़िता को ब्याज सहित लगभग 50 लाख रुपये भुगतान करने और अगस्त माह तक कब्जा देने का आदेश दिया है। प्राधिकरण ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 45 दिन के भीतर आदेश का पालन नहीं हुआ, तो बिल्डर के विरुद्ध दंडात्मक विधिक कार्रवाई की जाएगी। लखनऊ निवासिनी डॉ. अनुपमा तिवारी ने वर्ष 2014 में लोटस कोर्ट (फेज-1) परियोजना में एक फ्लैट बुक किया था। कंस्ट्रक्शन कंपनी के साथ हुए अनुबंध के अनुसार, बिल्डर को 30 जून 2021 तक कब्जा सौंपना था। डॉ. अनुपमा ने फ्लैट के एवज में कुल 35,35,291 रुपये जमा किए, लेकिन समय बीतने के बाद भी न तो कब्...