रांची, अप्रैल 13 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने सात वर्षों तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के आरोप में बर्खास्त किए गए पलामू के सहायक शिक्षक नंदू राम को बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी है। अदालत ने माना कि उनकी अनुपस्थिति जानबूझकर नहीं थी, बल्कि गंभीर मानसिक बीमारी और मजबूर परिस्थितियों के कारण थी। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामले में बर्खास्तगी जैसी कठोर सजा उचित नहीं है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने सरकार की अपील याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। शिक्षक नंदू राम की नियुक्ति 31 दिसंबर 1999 को सहायक शिक्षक के पद पर हुई थी। यह भी पढ़ें- सहायक आचार्यो ने वित्त मंत्री को सौंपा मांग पत्र वे पलामू जिले के सरकारी मध्य विद्यालय, विश्रामपुर में पदस्थापित थे। सेवा के करीब तीन वर्ष बाद वे गंभ...