संभल, दिसम्बर 30 -- जिलेभर में कार्यरत रोजगार सेवक पिछले सात माह से मानदेय न मिलने के कारण गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। रोजगार सेवकों का कहना है कि उन्हें पहले से ही मात्र 7788 रुपये प्रतिमाह का अल्प मानदेय मिलता है, लेकिन बीते सात महीनों से वह भी नहीं मिला है। ऐसे में परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई, इलाज और दैनिक खर्च चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। रोजगार सेवक मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना की जमीनी रीढ़ माने जाते हैं। इसके साथ ही वह फार्मा रजिस्ट्री, फैमिली आईडी, जॉब कार्ड अपडेट जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी लगातार कर रहे हैं। इसके बावजूद समय पर मानदेय न मिलना उनकी मेहनत और जिम्मेदारी के प्रति प्रशासन की उदासीनता को दर्शाता है। रोजगार सेवकों ने बताया कि पहले से ही उनका मानदेय बेहद कम है। 7788 रुपये में आज के महंगाई भरे दौर में गुजा...
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