सहरसा, फरवरी 3 -- सहरसा, निज प्रतिनिधि। बच्चे संभाले या नौकरी करें महिला कर्मियों के इस टेंशन को पालना घर ने दूर कर दिया है। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पालना घर में सात माह में 461 बच्चों को डे केयर की सुविधा मिली है। कलेक्ट्रेट, कोर्ट, जिला लोक शिकायत, आत्मा, डीएचईडब्लू, वन स्टॉप सेंटर से लेकर पुलिसकर्मियों के बच्चे पालना घर में पल रहे हैं। खुद पालना घर में बच्चों की देखभाल करने वाली कर्मी के बच्चे भी यहां पलते हैं। सोमवार की दोपहर पालना घर का हाल जानने जब हिन्दुस्तान टीम पहुंची तो वहां छोटी सी बच्ची कटोरा में रखा बिस्किट खाती मिली। उसके आसपास पेंसिल और कलर रखे दिखे, जो बच्ची के बिस्किट खाने से पहले बेसिक शिक्षा ग्रहण करने की ओर इशारा कर रहा था। बच्ची की देखभाल करती क्रेच वर्कर अंजली कुमारी और सहायक क्रेच वर्कर नूतन कुमारी दिखी। महिला एवं बा...