सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञानयज्ञ कथा का समापन
भागलपुर, जून 20 -- नवगछिया, निज संवाददाता। खरीक प्रखंड के नरकटिया गांव में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञानयज्ञ कथा का शुक्रवार की देर शाम समापन हो गया। अंतिम दिन श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ी। कथाव्यास पुरुषोत्तम रामानुजदास उर्फ मांगन बाबा ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक पुराण नहीं, बल्कि स्वयं भगवान श्रीकृष्ण का साक्षात् वाङ्मय स्वरूप है, जो कलियुग में समस्त जीवों के लिए मोक्ष, प्रेम और परम शांति का दिव्य सेतु है। राजा परीक्षित की जिज्ञासा, श्रीशुकदेव जी की दिव्य वाणी, ध्रुव की अटल तपस्या, प्रह्लाद की निष्काम भक्ति, गजेन्द्र की करुण पुकार, अजामिल का नाम-स्मरण, भरत महाराज का वैराग्य, ऋषभदेव का उपदेश, कपिल भगवान का सांख्य ज्ञान, अम्बरीष महाराज की एकनिष्ठ भक्ति, समुद्र मंथन, वामन भगवान की त्रिविक्रम लीला, श्रीराम चरित्र, रुक्मिणी ह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.