दुमका, मार्च 14 -- मसलिया। मसलिया प्रखंड क्षेत्र तिलाबाद गांव में कुटिया प्रांगण में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में पहला दिन गुरुवार रात्रि को बृंदावन धाम से पधारे कथावाचक ब्रम्हानंद ने नारद एवं व्यास संवाद सहित कई प्रसंगों को विस्तार पूर्वक वर्णन किया। इस अवसर पर नारद एवं व्यास संवाद पर वर्णन करते हुए कहा कि व्यासदेव द्वारा रचित वेदो, पुराणों एवं महाभारत में भगवान के विशुद्ध लीलाओं का वर्णन नहीं होने को लेकर असंतोष व्यक्त किया था। नारद मुनि का असंतोष का कारण भगवान का यशोगान किए बिना लिखा गया ग्रंथ आत्मा को तृप्त नहीं कर सकता है। चाहे वह कितना भी ज्ञानवर्धक क्यों न हो। कथावाचक ने बताया कि नारद मुनि ने ही व्यासदेव को दिव्य भक्ति से परिपूर्ण ग्रंथ श्रीमद्भागवत की रचना करने की प्रेरणा दी। जो सीधे भगवान की लीला एवं महिमा पर केंद्रित ह...