बाराबंकी, मई 21 -- रामनगर, संवाददाता। वन विभाग की दिवली पौधशाला में तैयार की जा रही पौध सात क्यारियों में नहीं जमे। जबकि जुलाई माह में बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया जाना है। ऐसे में समय पर एक लाख छिहत्तर हजार पौधे उपलब्ध होना विभाग के लिए चुनौती होगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि पौधशाला की देखरेख और पौध तैयार करने के लिए हर वर्ष बजट आता है इसके बावजूद कई क्यारियां खाली रह जाना विभागीय कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। लोगों का कहना है कि नर्सरी की देखरेख के लिए आया धन आखिर कहां खर्च हुआ जो सात क्यारियों में अभी तक बीजों का अंकुरण नहीं हुआ। बगल में खाली पड़ी अन्य सात क्यारियों में तो कुछ उगाया हू नहीं गया, वे खाली पड़ी हैं। क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते पौध तैयार नहीं हुई तो वन विभाग को बाहर से पौधे खरीदने पड़ ...