रुडकी, जून 1 -- रुड़की, संवाददाता। साढौली गांव में आयोजित तीन दिवसीय वैदिक यज्ञ में बड़ी संख्या में आर्य समाज के अनुयायियों और वैदिक विचारधारा से प्रेरित लोगों ने भाग लिया। इस दौरान वातावरण वेद मंत्रों के गूंज उठा। दिल्ली से आए आर्य समाज के विद्वान आचार्य हरिप्रसाद ने प्रतिदिन प्रातः और सायंकाल वेद ज्ञान, यज्ञ की महत्ता तथा वैदिक जीवन शैली पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यज्ञ परमात्मा को समर्पण का सर्वोत्तम माध्यम है। यज्ञ में अर्पित सामग्री ही ईश्वर तक पहुंचती है तथा इससे वातावरण की शुद्धि होकर पर्यावरण संतुलन को भी बल मिलता है।

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