प्रयागराज, फरवरी 5 -- प्रयागराज। मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण में जो लोग वर्ष 2003 का ब्योरा दे चुके हैं और उनके आलेख्य प्रकाशन में छह प्रकार की विसंगतियां आने के कारण उन्हें नोटिस दिया गया है, उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई में जाने की जरूरत नहीं होगी। केवल बीएलओ को दस्तावेज देकर ही उनका काम पूरा हो जाएगा। मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण में निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मतदाताओं को बड़ी राहत दी गई है। छह जनवरी को जब आलेख्य प्रकाशित हुआ था तो जिले में दो लाख 87 हजार मतदाता ऐसे पाए गए थे, जिन्होंने अपने माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी का वर्ष 2003 का ब्योरा नहीं दिया था। इन वोटरों को तो सीधे तौर पर नो मैपिंग में शामिल किया गया। जब एसआईआर के बाद कंप्यूटर में फीडिंग की गई तो कई विसंगतियां मिलीं, जिसमें माता-पिता का ब्योरा तो वर्ष 20...
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