वाराणसी, अप्रैल 19 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। 'सीखने की कोई उम्र नहीं होती'- इस कहावत को महिला मंडल की सदस्य चरितार्थ कर रही हैं। 50 से 66 वर्ष आयु वर्ग की ये महिलाएं इन दिनों रंगधर्म का मर्म सीख रही हैं। इस समूह में दो महिलाओं ने तो नागरी नाटक मंडली का वह मंच कभी देखा ही नहीं है जहां मंचन करने के लिए वे नाटक का पूर्वाभ्यास कर रही हैं। अयोध्या की अमिता जैन का करीब चार दशक पहले काशी में विवाह हुआ। इस अवधि में उन्हें कभी ख्याल में नहीं आया कि वह नाटक भी कर सकती हैं। इसके लिए वह मंडल की अध्यक्ष मंजू अग्रवाल और मंत्री पूनम अग्रवाल का आभार व्यक्त करती हैं। यह भी पढ़ें- 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर नुक्कड़ नाटक इन दोनों ने उन्हें इस उम्र में नाटक करने के लिए प्रेरित किया। मुरादाबाद की मूल निवासी 60 वर्षीय मुदिता अग्रवाल के साथ भी कुछ ऐसा ही ह...
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