शामली, अप्रैल 16 -- चौसाना। अत्याधिक जल दोहन के बावजूद क्षेत्र में साठी धान के प्रति किसानों का रुझान बढ़ रहा है। जबकि पडौसी राज्य हरियाणा में भू गर्भ जल स्तर की समस्या को देखते हुए साठी धान की रौपाई प्रतिबंधित है, लेकिन हरियणा सीमा के पास शामली जिले के चौसाना क्षेत्र में साठी धान व्यापक स्तर पर रौपा जा रहा है। किसान अब साठी धान की नर्सरी लगा रहे है। जनपद में साठी धान की पैदावार होती है,इस वर्ष औसतन करीब 22 सौ हैक्टेयर भूमि पर धान को बोये जाने का अनुमान है। गेंहूॅ की फसल अभी पूरी तरह से कटी भी बनी लेकिन किसानों ने साठी धान को बेने की तैयारियॉ शुरू कर दी है।प्रदेश यह भी पढ़ें- आंधी और बारिश से तेलहनी फसलों को भारी नुकसान, घट गयी पैदावार सरकार ने वर्ष 2019 में जल संकट को देखते हुये साठी धान पर रोक लगाई थी,लेकिन जनपद का किसान साठी धान को मुन...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.