रामपुर, मार्च 12 -- जिले में ग्रीष्मकालीन साठा धान की खेती को प्रतिबंधित कर दिया गया है। पूर्व वर्षों में भी साठा धान पर प्रतिबंध लगाया गया था, जिसके परिणामस्वरूप जिले के डार्क श्रेणी के चार ब्लाक चमरौआ, सैदनगर, स्वार तथा शाहबाद सुरक्षित श्रेणी में आ गए हैं। जिला कृषि अधिकारी कुलदीप सिंह राणा ने बताया कि ग्रीष्मकालीन धान की खेती से जल का अत्यधिक दोहन होता है। इसी वजह से डीएम के निर्देशानुसार इस खेती को प्रतिबंधित कर दिया गया है। किसान भाई ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर कम पानी में तैयार होने वाली और अधिक लाभकारी फसलों को अपना सकते हैं। विकल्प के रूप में मक्का, उड़द, मूंग, सूरजमुखी तथा विभिन्न सब्जियों की खेती की जा सकती है। इन फसलों की अवधि भी कम होती है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई समय से की जा सकती है। राजकीय कृषि बीज भंडारों पर मक्का, उड़द ए...
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