वाराणसी, मार्च 24 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। बीएचयू की अगुवाई में प्राचीन डीएनए, पुरातत्व, गट माइक्रोबायोम और पॉपुलेशन जीनोमिक्स पर साझा शोध भारतीय वंशावली के वैश्विक लोगों से संबंध उजागर करेगा। दुनिया में यह अपनी तरह का पहला अनुसंधान होगा जो मानव विकास के क्रम को समझने के लिए इतिहास अध्ययन की इन सभी विधाओं को साथ लाएगा। बीएचयू के जंतु विज्ञान विभाग में सोमवार को 'पेलियोजीनोमिक्स एवं पेलियोआर्कियोलॉजी' विषयक दो दिनी संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ।कार्यक्रम के शुभारंभ के बाद जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. मुनीयंदी सिंगारवेल ने स्वागत भाषण में विभाग की 105 वर्ष पुरानी विरासत और जेनेटिक्स, साइटोजेनेटिक्स, एंडोक्राइनोलॉजी और विकासवादी जीव विज्ञान जैसे क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने प्रसिद्ध पूर्व छात्रों डॉ. लालजी सिंह, ...