नई दिल्ली, फरवरी 3 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। कड़कड़डूमा कोर्ट ने दंगा और अन्य गंभीर आरोपों से जुड़े एक मामले में छह आरोपियों को बरी करते हुए दिल्ली पुलिस की जांच पर कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने कहा कि मामले में फर्जी और मनगढ़ंत आरोपपत्र दाखिल किया गया और आरोपियों के संवैधानिक अधिकारों को पूरी तरह कुचला गया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह की अदालत ने प्रेम प्रकाश उर्फ काले, ईशु गुप्ता, राजकुमार उर्फ सिवैया, अमित उर्फ अन्नू, सुरेंद्र सिंह और हरि ओम शर्मा को सभी आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने टिप्पणी की कि रिकॉर्ड से छेड़छाड़ और साक्ष्यों में हेरफेर बेहद गंभीर है। यह और भी चिंताजनक है कि कथित मनगढ़ंत आरोपपत्र को तत्कालीन थाना प्रभारी और संबंधित एसीपी जैसे वरिष्ठ अधिकारियों ने आगे बढ़ाया। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को आदेश की ...