नई दिल्ली, जनवरी 28 -- प्रांजल शर्मा,डिजिटल नीति विशेषज्ञ देश भर में साइबर धोखाधड़ी के जोखिम को कम करने के लिए लोग अपने डिजिटल लेन-देन में स्मार्ट बन रहे हैं। महानगरों के साथ-साथ दूसरे और तीसरे दर्जे के शहरों में ग्राहक अब रोजाना के डिजिटल लेन-देन के लिए अलग बैंक अकाउंट बना रहे हैं, ताकि उनका मुख्य खाता सुरक्षित रहे। भारत में करोड़ों उपभोक्ता अब डिजिटल भुगतान सेवा का इस्तेमाल कर रहे हैं। कंसल्टिंग फर्म पीडब्ल्यूसी के एक अनुमान के मुताबिक, वित्तीय साल 2025 में 299 खरब रुपये का डिजिटल भुगतान हुआ, जिसके 2030 में 907 खरब तक पहुंचने की उम्मीद है, यानी पांच साल में लगभग तीन गुना। जैसे-जैसे भारत में डिजिटल बैंकिंग बढ़ रही है, इसमें धोखाधड़ी की घटनाएं भी बढ़ रहीं हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के आधार पर भारत में वित्...
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