रांची, अप्रैल 8 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने साइबर क्राइम से जुड़े मामलों के लिए एजुकेटिंग अफसर से संबंधित जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने का निर्देश राज्य सरकार को दिया है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने इस संबंध में राज्य सरकार को 6 माह में अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। एजुकेटिंग अफसर का कार्यालय साइबर अपराध और डेटा उल्लंघन जैसे मामलों में पीड़ितों को त्वरित न्याय प्रदान के लिए अधिनियम के तहत अनिवार्य है। हाईकोर्ट ने सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए इससे संबंधित जनहित याचिका निष्पादित कर दी। कोर्ट ने राज्य सरकार को एजुकेटिंग अफसर के संबंध में प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। कहा कि लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाएं कि एजुकेटिंग ऑफिसर का ऑफिस कहां है। किस प्रकार साइबर क्राइम ...
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