साइबर की छवि से निकलकर आम की मिठास से पहचान बना रहा करमाटांड़
जामताड़ा, मई 29 -- करमाटांड़। साइबर अपराध के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहने वाला करमाटांड़ इन दिनों एक नई पहचान गढ़ रहा है। यहाँ अब मोबाइल और लैपटॉप की चमक से ज्यादा आम के बगीचों की हरियाली लोगों को आकर्षित कर रही है। साइबर अपराध के गढ़ के रूप में बदनाम यह इलाका अब फलों के राजा आम के जरिए अपनी नई कहानी लिख रहा है।
आम की बढ़ती मांग यूं तो करमाटांड़ के आम बगीचे काफी पुरानी हैं। लेकिन हाल के वर्षों में इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। करमाटांड़ की मिट्टी में उगने वाले दूधिया मालदा, लंगड़ा, हिमसागर, गुलाब खास, चौसा, दशहरी और आम्रपाली जैसे आम अब सिर्फ स्थानीय बाजारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राजस्थान, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ तक अपनी मिठास पहुंचा रहे हैं। कोलकाता, पटना, धनबाद, रांची और चित्तरंजन की मंडियों...
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