वाराणसी, जून 19 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। साइबर अपराध पर नकेल कसने में पुलिस के उपाय काबिलेतारीफ हैं। सख्त कार्रवाई से अपराध के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' का उसका संदेश स्पष्ट है। कॉल सेंटरों की आड़ में साइबर ठगी पर रोक भी लगी। बड़ा सवाल यह है कि 'खेल' के 'बड़े खिलाड़ी' क्यों और कैसे उसकी पकड़ से दूर हैं? वे धंधे में बदस्तूर बने हुए हैं। दीगर है कि मोहरा कोई और है। देखना है कि पुलिस का हाथ उनके गिरेबान तक कब पहुंचेगा?

पुलिस कार्रवाई का परिणाम टकटकपुर इलाके में 31 मई की रात कैंट पुलिस और एसओजी ने एक फ्लैट में सट्टेबाजों के गिरोह का भंडाफोड़ किया। आईपीएल मैचों पर करोड़ों का सट्टा लगाने वाले गिरोह के 13 शातिर गिरफ्तार किए गए। मामले में मुंबई के किसी मलिक का नाम भी सामने आया। उससे संबंधित लिंक और वेबसाइट भी मिले। शुरुआती छानबीन से लगा कि जल्द ...