आजमगढ़, सितम्बर 30 -- आजमगढ़, संवाददाता। एनआईसी के विशेषज्ञों की मानें तो साइबर सुरक्षा के दृष्टिकोण से डाटा सेंटर की भूमिका अहम होगी। जिला स्तर पर डाटा उपलब्ध होने से साइबर अपराधों की निगरानी अधिक प्रभावी होगी और हैकिंग या डाटा से जुड़े किसी भी खतरे की स्थिति में तत्काल कार्रवाई संभव हो सकेगी। इससे सरकारी डाटा की सुरक्षा मजबूत होगी और डिजिटल सेवाओं में नागरिकों का विश्वास भी बढ़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में यही डाटा सेंटर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित सेवाओं, स्वचालित ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली, ड्रोन निगरानी, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, ई-गवर्नेंस और डिजिटल प्रशासन की मजबूत आधारशिला साबित होंगे। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कंप्यूटिंग क्षमता के कारण नई तकनीकों के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और विभिन्न विभागों के बीच डाटा साझा करना भी अधिक...